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सुबह का समय जहां नई शुरुआत और ताजगी लेकर आता है। वहीं दिल के मरीजों के लिए यह सबसे जोखिम भरा समय भी होता है। डॉक्टरों के अनुसार सुबह 5 से 9 बजे के बीच हार्ट अटैक के मामले सबसे ज्यादा सामने आते हैं। खासकर उन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। जिन्हें पहले से ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या पहले से हार्ट से जुड़ी समस्याएं हैं। नोएडा में सर्वश्रेष्ठ कार्डियोलॉजी अस्पताल (Heart Hospital in Noida) में उपलब्ध है। नोएडा में अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट (Cardiologist) और आधुनिक सुविधाओं वाले अस्पताल में समय पर इलाज से हार्ट अटैक से जान बचाई जा सकती है।
ज्यादा जानकारी के लिए कॉल करें: +91 9667064100
सुबह उठते ही शरीर में कई बदलाव होने लगते हैं। नींद से जागते ही ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ता है। दिल की धड़कन तेज होती है और ब्लड क्लॉट (Blood clot) बनने की क्षमता भी बढ़ती है। साथ ही धमनियां थोड़ी सिकुड़ जाती हैं। यह सारे बदलाव मिलकर सुबह हार्ट अटैक (Heart attack) का जोखिम कई गुना बढ़ाते हैं। इसलिए सावधानी बहुत ही जरूरी है।
सुबह उठते ही बॉडी का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इससे दिल पर दबाव पड़ता है और हार्ट अटैक (Heart attack in hindi) का खतरा बढ़ता है।
सुबह शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। यह ब्लड प्रेशर और शुगर को प्रभावित करता है।
रात भर पानी कम पीने और निर्जलीकरण के कारण सुबह खून गाढ़ा होता है। इससे थक्के बनने का खतरा बढ़ता है।
सुबह के समय धमनियां थोड़ी सिकुड़ जाती हैं। यह खून के प्रवाह को रोक सकता है।
ठंड में धमनियां और सिकुड़ जाती हैं, जिससे सुबह का समय और भी जोखिम भरा हो जाता है।
सीने में अचानक दर्द, दबाव या जलन
सांस फूलना
ठंडा पसीना आना
अत्यधिक थकान और कमजोरी
चक्कर या घबराहट
बाएं हाथ, गर्दन या जबड़े में दर्द
अगर इन लक्षणों में से कोई भी दिखे तो तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएँ।
नींद पूरी न होने पर शरीर में तनाव हॉर्मोन बढ़ते हैं। इससे सुबह उठते ही ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट अचानक बढ़ता है। कोशिश करें कि रोजाना कम से कम 7–8 घंटे की नींद लें और सोने का समय नियमित रखें।
सर्दियों में सुबह बाहर निकलते समय शरीर और खासकर छाती को अच्छी तरह ढकना बहुत जरूरी है। ठंड में धमनियों में सिकुड़न बढ़ती है। जिससे ब्लड फ्लो धीमा होता है। इसलिए जैकेट, स्वेटर, शॉल और दस्ताने जरूर पहनें।
तेज दौड़ या भारी व्यायाम सुबह के समय सुरक्षित नहीं हैं। हल्की स्ट्रेचिंग, योग या धीरे-धीरे टहलना दिल के लिए फायदेमंद होता है। इससे रक्त संचार सही रहता है और सुबह हार्ट अटैक का जोखिम कम होता है।
नमक, तैलीय और प्रोसेस्ड फूड कम करें। इसके बजाय ताजे फल, सब्जियां और ओमेगा‑3 युक्त चीजें जैसे मछली, अखरोट और फ्लैक्ससीड्स शामिल करें।यह रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखते हैं और सुबह हार्ट अटैक के खतरे को घटाते हैं।
अगर आपको हार्ट, ब्लड प्रेशर या शुगर की दवाइयां लेनी हैं तो उन्हें समय पर लेना बेहद जरूरी है। सुबह अनियमित दवा लेने से ब्लड प्रेशर (Blood pressure) या शुगर (Sugar) अचानक बढ़ता है। जो दिल के लिए खतरनाक होता है।
सुबह सिगरेट या शराब का सेवन दिल पर अतिरिक्त दबाव डालता है। ये रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ता है और ब्लड क्लॉटिंग बढ़ाता है, जिससे हार्ट अटैक का जोखिम कई गुना बढ़ता है।
सर्दियों में सुबह हार्ट अटैक का जोखिम सामान्य लोगों की तुलना में कुछ विशेष समूहों में अधिक होता है।
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है। दिल और धमनियों की लोच कम हो जाती है। बुजुर्गों में ब्लड प्रेशर और रक्त प्रवाह में अचानक बदलाव हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाते हैं।
ब्लड प्रेशर अगर नियंत्रित न हो तो सुबह अचानक बढ़ता है। यह दिल पर अतिरिक्त दबाव डालता है और हार्ट अटैक की संभावना को बढ़ाता है।
शुगर की बीमारी धमनियों को प्रभावित करती है। सुबह अचानक ब्लड शुगर या ब्लड प्रेशर में बदलाव से दिल पर दबाव बढ़ता है। हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है।
अगर पहले दिल का दौरा पड़ा है, तो धमनियों में जमे हुए ब्लॉकेज और कमजोर हृदय की वजह से सुबह हार्ट अटैक फिर से होता है।
सिगरेट या तंबाकू के कारण धमनियां सिकुड़ती हैं और रक्त में क्लॉट बनने की संभावना बढ़ती है। सुबह धूम्रपान करने से हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ता है।
ब्लड में हाई कोलेस्ट्रॉल होने से धमनियों में चर्बी जम जाती है। सुबह अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने या स्ट्रेस की वजह से ये जमावट ब्लॉकेज करती है। हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ा देती है।
सुबह के समय हार्ट अटैक होने पर तुरंत और सही इलाज मिलना बेहद जरूरी होता है। क्योंकि इस समय ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट और ब्लड क्लॉटिंग की प्रवृत्ति अधिक होती है। नोएडा में हार्ट डॉक्टर (Heart doctor in Noida) उपब्ध है। इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है।
यह दवाएं खून को गाढ़ा होने से रोकती हैं। थक्का बनने की संभावना कम करती हैं। इससे हार्ट की धमनियों में अचानक ब्लॉकेज बनने का खतरा घटता है और हार्ट अटैक से बचाव होता है।
उच्च रक्तचाप दिल पर अतिरिक्त दबाव डालता है। बीपी कंट्रोल की दवाएं हार्ट को आराम देती हैं, धमनियों पर दबाव कम करती हैं और सुबह होने वाले हार्ट अटैक के जोखिम को घटाती हैं।
यह दवाएं धमनियों में नई चर्बी जमने से रोकती हैं। पहले से मौजूद प्लाक को स्थिर रखती हैं और हार्ट की नसों को ब्लॉकेज से बचाती हैं।
जब दिल की धमनियों में ब्लॉकेज होता है, तो एंजियोप्लास्टी (angioplasty) द्वारा उसे खोला जाता है और स्टेंट डालकर रक्त प्रवाह को फिर से सामान्य किया जाता है। यह हार्ट अटैक के तुरंत बाद जीवन बचाने वाली प्रक्रिया होती है।
जब कई धमनियां गंभीर रूप से बंद होती हैं, तो बाईपास सर्जरी (bypass surgery) द्वारा नई रक्त नली का रास्ता बनाया जाता है। यह गंभीर मरीजों के लिए सबसे प्रभावी और जीवनरक्षक इलाज माना जाता है।
गर्म कपड़े पहनेंः
सर्दी में शरीर और छाती को ढककर रखें ताकि धमनियों में सिकुड़न न हो और ब्लड प्रेशर अचानक न बढ़े।
हल्का और संतुलित भोजन लेंः
नमक, घी, तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड कम करें। फल, सब्जियां, साबुत अनाज और ओमेगा-3 युक्त आहार दिल को मजबूत बनाते हैं।
नियमित लेकिन हल्का व्यायाम करेंः
तेज और भारी एक्सरसाइज से बचें। रोजाना टहलना, योग और प्राणायाम हार्ट के लिए सुरक्षित और लाभकारी हैं।
तनाव कम करेंः
अत्यधिक तनाव हार्मोन बढ़ाता है। जिससे बीपी और हार्ट रेट बढ़ती है। ध्यान, गहरी सांस और पर्याप्त नींद से मानसिक तनाव कम होता है।
दवाइयां समय पर लेंः
डॉक्टर द्वारा बताई गई हार्ट, बीपी और शुगर की दवाएं नियमित रूप से लें। लापरवाही जानलेवा साबित होती है।
सबसे जरूरी बातः गोल्डन आवर
हार्ट अटैक के बाद पहला एक घंटा “गोल्डन आवर” कहलाता है। इस समय में इलाज मिल जाए तो दिल की मांसपेशियों को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है और जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ती है। सीने में दर्द, पसीना, घबराहट, सांस फूलना या बाएं हाथ-जबड़े में दर्द होते ही देरी न करें तुरंत अस्पताल पहुंचें।
डॉक्टरों का कहना है कि सुबह हार्ट अटैक का खतरा वास्तविक है। लेकिन सही सावधानी और समय पर इलाज से इसे टाला जा सकता है। सुबह अचानक सीने में दर्द (Chest pain), सांस फूलना या कमजोरी जैसी लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएं। इलाज में देरी से नुकसान होता है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवा लेना चाहिए। किसी भी प्रकार की दवा को अपने आप बंद नहीं करना चाहिए।
इलाज और सलाह के लिए संपर्क करें: +91 9667064100
उत्तर: हां, सुबह शरीर में ब्लड प्रेशर और हार्मोन की वजह से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है। इसलिए जरूरी है कि सावधानी बरती जाए।
उत्तर: सुबह 5 से 9 बजे के बीच खतरा सबसे अधिक होता है। इसलिए इस समय के दौरान सावधानी बरतना जरूरी होता है।
उत्तर: हां, ठंड में धमनियां सिकुड़ती हैं और ब्लड गाढ़ा होता है, जिससे जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए सर्दी में विशेष सावधानी बरतना बहुत ही जरूरी है।
उत्तर: सीने में दर्द, सांस फूलना, ठंडा पसीना, चक्कर, बाएं हाथ/गर्दन/जबड़े में दर्द जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत ही साधान हो जाए।
उत्तर: गर्म कपड़े पहनें, हल्की सुबह की एक्टिविटी करें, दवाइयां नियमित लें और नियमित जांच कराएं। बिना डॉक्टर की सलाह पर कोई दवा नहीं लेनी चाहिए।