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नोएडा में बेस्ट घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी: कब जरूरी है?

तेज रफ्तार जीवनशैली, बढ़ती उम्र, मोटापा और आर्थराइटिस जैसी समस्याएं आज हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर रही हैं। जब दर्द इतना बढ़ता है कि चलना-फिरना या दैनिक काम करना भी मुश्किल हो जाए, तो घुटना रिप्लेसमेंट सर्जरी स्थायी राहत का सबसे प्रभावी उपाय बन जाता है। नोएडा में सर्वश्रेष्ठ आर्थोपेडिक अस्पताल उपलब्ध है। यह ब्लॉग जानेंगे घुटने की सर्जरी क्या होती है, इसके प्रकार, इलाज के आधुनिक विकल्प और सर्जरी से पहले व बाद की तैयारी के बारे में विस्तार से।


घुटना रिप्लेसमेंट सर्जरी क्या है? (What is knee replacement surgery)

घुटना रिप्लेसमेंट सर्जरी, जिसे नी आर्थ्रोप्लास्टीभी कहा जाता है। एक चिकित्सीय प्रक्रिया है जिसमें क्षतिग्रस्त घुटने के जोड़ को कृत्रिम इम्प्लांट से बदल जाता है। यह इम्प्लांट धातु, सिरेमिक या उच्च गुणवत्ता वाले मेडिकल-ग्रेड प्लास्टिक से बना होता है। जो घुटने की प्राकृतिक गति को पुनर्स्थापित करता है और दर्द को कम करता है।

 

सर्जरी की आवश्यकता कब होती है? (When is Surgery Needed)

नी रिप्लेसमेंट तब किया जाता है जब ऑस्टियोआर्थराइटिस या रूमेटॉइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) से कार्टिलेज पूरी तरह घिस जाए। दर्द लगातार बना रहे और दवा या फिजियोथेरेपी से राहत न मिले। सीढ़ियां चढ़ना, चलना या बैठना असहनीय हो जाए। एक्स-रे या एमआरआई में जोड़ों में हड्डियों की रगड़ या विकृति दिखे। जब जोड़ का दर्द जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करने लगे। तबसर्जरी ही एक स्थायी समाधान बन जाती है।

 

घुटना रिप्लेसमेंट के प्रकार (Types of Knee Replacement)


घुटने की क्षति और मरीज की जरूरत के अनुसार डॉक्टर सर्जरी का प्रकार तय करते हैं:

 

टोटल नी रिप्लेसमेंटः

इस प्रक्रिया में घुटने के दोनों सिरों फीमर (जांघ की हड्डी) और टिबिया (पिंडली की हड्डी) — की सतह को हटाकर कृत्रिम इम्प्लांट से बदल दिया जाता है यह तब किया जाता है जब घुटने की पूरी सतह घिस चुकी हो।

 

यूनिकॉम्पार्टमेंटल नी रिप्लेसमेंटः

यदि घुटने का केवल एक भाग (भीतरूनी या बाहरी) खराब हुआ है, तो केवल वही हिस्सा बदला जाता है इससे कम चीरा, कम ब्लड लॉस और तेज रिकवरी होती है।

 

रिवीजन नी रिप्लेसमेंटः

यह सर्जरी तब की जाती है जब पहले किए गए इम्प्लांट में ढीलापन या संक्रमण आ जाए। इसमें पुराने इम्प्लांट को निकालकर नया लगाया जाता है।

 

आर्थ्रोस्कोपिक सर्जरीः

यह मिनिमली इनवेसिव तकनीक है जिसमें कैमरा और छोटे उपकरणों से लिगामेंट इंजरी, मिनिस्कस टियर या कार्टिलेज रिपेयर किया जाता है।

 

कार्टिलेज रिस्टोरेशनः

यदि केवल कार्टिलेज घिसी है, तो माइक्रोफ्रैक्चर, ACI (ऑटोलॉगस चोंड्रोसाइट इम्प्लांटेशन) या OATS जैसी आधुनिक तकनीकों से कार्टिलेज को पुनर्जीवित किया जाता है।

 

सर्जरी से पहले की तैयारी (Pre-Surgery Preparation)

 

  1. ब्लड टेस्ट, एक्स-रे, ईसीजी, एमआरआई: शरीर की फिटनेस और घुटने की स्थिति की जांच कराने से सही स्थिति का पता चलता है। ।

  2. ब्लड शुगर और बीपी नियंत्रण: ताकि संक्रमण और जटिलता से बचा जा सके।

  3. फिजियोथेरेपी: सर्जरी से पहले एक्सरसाइज से मांसपेशियों को मजबूत करें।

  4. मानसिक तैयारी: डॉक्टर से स्पष्ट जानकारी लें और चिंता दूर करें।

  5. हॉस्पिटल और सर्जन का चयन: अनुभवी ऑर्थोपेडिक सर्जन और एनएबीएच-अनुमोदित हॉस्पिटल चुनें।

 

सर्जरी की प्रक्रिया (Surgery Procedure)

प्रत्यारोपण सर्जरी में क्षतिग्रस्त जोड़ को हटाकर कृत्रिम जोड़ लगाया जाता है।


एनेस्थीसिया (बेहोशी) दिया जाना:

मरीज को सर्जरी से पहले स्पाइनल या जनरल एनेस्थीसिया दिया जाता है ताकि ऑपरेशन के दौरान कोई दर्द या असुविधा महसूस न हो। एनेस्थीसिया का चुनाव मरीज की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है।


चीरा लगानाः

सर्जन घुटने के सामने लगभग 4 से 6 इंच का छोटा चीरा लगाते हैं। इससे जोड़ तक पहुंच बनाकर अंदरूनी क्षति का निरीक्षण किया जाता है।


क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाना:

घुटने के क्षतिग्रस्त कार्टिलेज और हड्डी को सावधानीपूर्वक हटाया जाता है। हटाए गए हिस्से की जगह विशेष कृत्रिम इम्प्लांट फिट किया जाता है, जो धातु या उच्च गुणवत्ता वाले पॉलिमर से बना होता है।


जोड़ की गति और स्थिरता की जांच:

इम्प्लांट लगाने के बाद सर्जन घुटने को मोड़कर और सीधा कर उसकी स्थिरता और मूवमेंट जांचते हैं। सब कुछ सही होने पर जोड़ को सही एलाइनमेंट में फिक्स कर दिया जाता है।


चीरा बंद करना:

जांच के बाद घाव को टांकों या स्टेपल्स से बंद कर दिया जाता है और स्टरलाइज्ड ड्रेसिंग की जाती है। सर्जरी स्थल पर सूजन कम करने के लिए ड्रेन ट्यूब भी लगाई जाती है।


कुल समय:

पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर 60 से 90 मिनट का समय लगता है। मरीज को एनेस्थीसिया से पूरी तरह जागने में 1–2 घंटे और लग सकते हैं।


सर्जरी के बाद की देखभाल (Post-Surgery Care)

सर्जरी के बाद का समय रिकवरी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। नोएडा में सर्वश्रेष्ठ ऑर्थोपेडिक्स नोएडा में उपलब्ध है। इस दौरान सही देखभाल और फिजियोथैरेपी से मरीज जल्दी सामान्य जीवन में लौटता है।


हॉस्पिटल में भर्ती रहना:

सर्जरी के बाद मरीज को सामान्यतः 3 से 5 दिन तक अस्पताल में रखा जाता है। डॉक्टर घाव की स्थिति, दर्द का स्तर और ब्लड सर्कुलेशन की निगरानी करते हैं।


दवाओं का सेवन:

डॉक्टर द्वारा बताई गई एंटीबायोटिक और ब्लड थिनर दवाएं नियमित रूप से लें। इससे संक्रमण और ब्लड क्लॉट (रक्त के थक्के) बनने का खतरा कम होता है।


ऑपरेशन साइट की सफाई:

सर्जरी स्थल को हमेशा साफ और सूखा रखें। पट्टियां (ड्रेसिंग) डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय पर बदलें। लालिमा, मवाद या दुर्गंध दिखे तो तुरंत अस्पताल से संपर्क करें।


चलने-फिरने की शुरुआत:

पहले सप्ताह मरीज को वॉकर या स्टिक का सहारा लेकर चलना शुरू कराया जाता है। धीरे-धीरे वजन डालने की अनुमति दी जाती है ताकि जोड़ पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।


फिजियोथैरेपी और एक्सरसाइज:

फिजियोथैरेपिस्ट द्वारा बताई गई एक्सरसाइज रूटीन को नियमित रूप से करें। यह जोड़ों की गतिशीलता और लचीलेपन को बहाल करने में मदद करता है।


रिकवरी का समय:

लगभग 4 से 6 हफ्ते में अधिकांश मरीज बिना सहारे चलने लगते हैं। सामान्य गतिविधियाँ जैसे सीढ़ियाँ चढ़ना या गाड़ी चलाना शुरू करने से पहले डॉक्टर की अनुमति जरूरी है।


फॉलोअप विजिट:
हर कुछ सप्ताह या महीने में डॉक्टर से फॉलोअप जांच कराना जरूरी है। एक्स-रे के जरिए इम्प्लांट की स्थिति और जोड़ की रिकवरी की निगरानी की जाती है।

 

फिजियोथेरेपी और रिकवरी (Physiotherapy & Recovery)

 

  • पहला सप्ताह: हल्की हरकत, पैर सीधा उठाना, पंजों को हिलाना चाहिए।

  • 2–6 सप्ताह: वॉकर से चलना, धीरे-धीरे वजन डालना, मांसपेशी सुदृढ़ीकरण होती है।

  • 6–8 सप्ताह: बिना सहारे चलना, बैलेंस और लचीलापन अभ्यास करना चाहिए।

  • 3 माह बाद: योग, साइकलिंग, स्विमिंग जैसे कम-इंपैक्ट व्यायाम शुरू किए जा सकते हैं।

  • फिजियोथेरेपीः यह घुटने की रिकवरी की रीढ़ होती है। इसलिए इसे कभी न छोड़ें।

 

सर्जरी की लागत (Cost of Knee Replacement in Noida)

 

सर्जरी का प्रकार

औसत लागत (रुपये में)

टोटल नी रिप्लेसमेंट

1.8 – 4.5 लाख रुपये

यूनिकॉम्पार्टमेंटल नी रिप्लेसमेंट

1.5 –3 लाख रुपये

रिवीजन सर्जरी

3 – 6 लाख रुपये

आर्थ्रोस्कोपी

80,000 – 1.5 लाख रुपये

 

बीमा और सहायता योजनाएं:


आयुष्मान भारत, सीजीएचएस, ईसीएचएस और कई निजी बीमा योजनाएं घुटना रिप्लेसमेंट कवर करती हैं।

 

जीवनशैली और सावधानियां (Lifestyle & Precautions)

 

  • वजन नियंत्रित रखें।क्योंकि वजन बढ़ने से घुटने पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

  • संतुलित आहार लें। दूध, हरी सब्जियां, तिल, सोया और विटामिन डी युक्त भोजन शामिल करें।

  • सीढ़ियों और झुकने से बचें। जितना हो सके लिफ्ट या रैम्प का उपयोग करें।

  • घुटनों को ठंड और चोट से बचाएं।

  • योग और स्विमिंग को दिनचर्या में शामिल करें।

 

घुटना रिप्लेसमेंट अस्पताल नोएडा में उपलब्ध है। अभी अपॉइंटमेंट शेड्यूल करें – कॉल करें: +91 9667064100

 

 

निष्कर्ष (Conclusion)

घुटना रिप्लेसमेंट सर्जरी (Knee replacement surgery) अब आधुनिक तकनीक और अनुभवी विशेषज्ञों की वजह से सुरक्षित, प्रभावी और दर्द-मुक्त प्रक्रिया बन चुकी है। यह न केवल चलने-फिरने की क्षमता लौटाती है बल्कि व्यक्ति के आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता में भी बड़ा सुधार करती है। अगर आप या आपके परिवार में कोई घुटने के पुराने दर्द से परेशान है, तो आज ही विशेषज्ञ ऑर्थोपेडिक सर्जन से परामर्श लें। इलाज में देरी बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए।

 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल  FAQs (Frequently Asked Questions)


प्रश्न 1: क्या घुटना रिप्लेसमेंट दर्दनाक होता है?
उत्तरः सर्जरी एनेस्थीसिया में की जाती है। इसलिए दर्द नहीं होता है। बाद का दर्द दवाओं और फिजियोथेरेपी से नियंत्रित किया जाता है।


प्रश्न 2: सर्जरी के बाद कब चल सकते हैं?
उत्तरः अधिकांश मरीज 1–2 दिन में वॉकर के सहारे चलने लगते हैं और 4–6 हफ्तों में बिना सहारे के चलना चाहिए।


प्रश्न.3: सर्जरी का असर कितने साल रहता है?
उत्तरः आधुनिक इम्प्लांट 15–20 साल तक टिकते हैं, कुछ मामलों में इससे भी अधिक।


प्रश्न 4: क्या बुजुर्गों के लिए यह सुरक्षित है?
उत्तरः  हां, अगर स्वास्थ्य सामान्य हो तो 75–80 वर्ष तक के मरीज भी सुरक्षित रूप से सर्जरी करा सकते हैं।


प्रश्न 5: क्या बीमा से खर्च कवर होता है?
उत्तरः जी हां, अधिकांश हेल्थ इंश्योरेंस और सरकारी योजनाएं सर्जरी को कवर करती हैं। मगर इलाज से पहले कंपनी से बात करनी चाहिए। 

Written and verified by:
Dr. Binay Kumar Sahu

Dr. Binay Kumar Sahu

MBBS, MS, DNB, MNAMS, DIP-SICOT (Belgium) | Exp: 11 Yr
Orthopedics & Joint Replacement

Dr. Binay Kumar Sahu is an experienced Orthopedic and Traumatology specialist with 11+ years of clinical practice. He has extensive expertise in complex trauma, arthroscopy, arthroplasty, musculoskeletal tumors, and hand surgery. Recognized among the Best Orthopedics in Noida, he provides comprehensive and advanced orthopedic care.