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अंडकोष में दर्द क्यों होता है? जानें कारण, लक्षण और इलाज

अंडकोष में दर्द (andkosh mein dard in hindi) पुरुषों में होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। यह दर्द हल्का, तीखा, लगातार या रुक-रुक कर होता है। एक या दोनों अंडकोष में महसूस होता है। कई मामलों में दर्द केवल अंडकोष तक सीमित नहीं रहता। बल्कि जांघ, कमर या पेट के निचले हिस्से तक फैलता है।


सही समय पर कारण की पहचान और उचित इलाज से न केवल दर्द से राहत मिलती है बल्कि भविष्य में होने वाली गंभीर जटिलताओं से भी बचाव होता है। इसलिए समय रहते अच्छे यूरोलॉजी हॉस्पिटल नोएडा (Best Urology Hospital Noida) में जाकर एक बार अवश्य डॉक्टर से मिलें।

 

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अंडकोष में दर्द क्यों होता है? (Why Testicular Pain Happens?)

अंडकोष का मुख्य काम शुक्राणु (Sperm) और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन (Testosterone hormone) का निर्माण करना है। इनकी संरचना में रक्त वाहिकाएं, नसें और नलियां जटिल तरीके से जुड़ी होती हैं। किसी भी कारण से रक्त प्रवाह बाधित होना, नसों पर दबाव आना, संक्रमण या चोट लगना, दर्द का कारण बनता है। कुछ मामलों में यह दर्द अचानक और बहुत तेज होता है। जैसे टेस्टिकुलर टॉर्शन धीरे-धीरे बढ़ता है।

 

अंडकोष में दर्द क्यों होता है?


अंडकोष में दर्द के कारण (Causes of Testicular Pain)

अंडकोष में दर्द कई कारणों से होते है। जिन्हें शारीरिक चोट, संक्रमण और अन्य चिकित्सीय समस्याओं में बांटते हैं। शारीरिक कारणों में चोट या ट्रॉमा, खेल या दुर्घटना से लगी चोट, भारी वस्तु के लगने से दर्द शामिल है। टेस्टिकुलर टॉर्शन (testicular torsion) में स्पर्मैटिक कॉर्ड (Spermatic Cord) मुड़ जाने से रक्त प्रवाह रुकता है। जो आपात स्थिति होती है। इनग्वाइनल हर्निया से खिंचाव, हाइड्रोसील या वैरिकोसील में द्रव जमाव या नसों का फैलना और ट्यूमर या कैंसर में गांठ या आकार में बदलाव के साथ दर्द होता है।

 

संक्रमण और सूजन में एपिडिडिमाइटिस (शुक्राणु ले जाने वाली नली की सूजन), ऑर्काइटिस (अंडकोष में संक्रमण, मम्प्स वायरस या बैक्टीरिया से) और यौन संचारित संक्रमण जैसे क्लैमाइडिया या गोनोरिया शामिल हैं। अन्य कारणों में किडनी स्टोन (Kidney stones) से दर्द का अंडकोष तक फैलना और कमर या रीढ़ की हड्डी (spinal cord) से जुड़ी नसों का दबना होता है। समय पर चिकित्सा परामर्श लेना जरूरी है, खासकर अचानक और तेज दर्द की स्थिति में।


अंडकोष में दर्द के लक्षण (Symptoms of Testicular Pain)

 

  • अंडकोष में हल्का या तेज दर्द, जो लगातार या रुक-रुक कर होता है।

  • सूजन या लालिमा, जो अक्सर संक्रमण, चोट या टॉर्शन में दिखती है।

  • स्पर्श करने पर अंडकोष में संवेदनशीलता या दर्द।

  • अंडकोष का आकार बदलना या उसमें गांठ महसूस होना।

  • पेट के निचले हिस्से या कमर में दर्द का फैलना।

  • बुखार, मितली या उल्टी, खासकर संक्रमण या टॉर्शन के मामलों में।

 

अंडकोष में दर्द का निदान (Diagnosis of Testicular Pain)

अंडकोष में दर्द या अन्य समस्याओं के निदान के लिए यूरोलॉजिस्ट कई प्रकार की जांच करते हैं। सबसे पहले शारीरिक जांच होती है। जिसमें सूजन, गांठ या आकार में किसी भी बदलाव की पहचान की जाती है। इसके बाद स्क्रोटल अल्ट्रासाउंड (Scrotal Ultrasound) किया जाता है। जिससे अंडकोष की संरचना और रक्त प्रवाह की स्थिति स्पष्ट होती है। संक्रमण, सूजन या हार्मोन स्तर की जांच के लिए ब्लड टेस्ट किया जाता है। जबकि पेशाब में संक्रमण या पथरी के संकेत जानने के लिए यूरिन टेस्ट कराया जाता है। यदि यौन संचारित रोग (Sexually transmitted diseases) (एसटीआई) की आशंका हो तो क्लैमाइडिया, गोनोरिया (Gonorrhea) जैसे संक्रमणों की पुष्टि के लिए विशेष टेस्ट किए जाते हैं। इन सभी जांचों से समस्या का सही कारण पता चलता है।

 

अंडकोष में दर्द का इलाज (Treatment of Testicular Pain)

अंडकोष से जुड़ी समस्याओं के उपचार में स्थिति के अनुसार अलग-अलग तरीके अपनाए जाते हैं। यदि संक्रमण हो तो एंटीबायोटिक और सूजन कम करने वाली दवाएं दी जाती हैं। टेस्टिकुलर टॉर्शन (Testicular torsion) के मामले में तुरंत सर्जरी आवश्यक होती है। जो आमतौर पर 6 घंटे के भीतर करनी पड़ती है। जिससे अंडकोष को बचाया जा सके।


चोट लगने पर बर्फ की सिकाई, दर्द निवारक दवाएं और पर्याप्त आराम की सलाह दी जाती है। हर्निया, हाइड्रोसील या वैरिकोसील जैसी समस्याओं में सर्जरी या मिनिमली इनवेसिव प्रोसीजर का सहारा लेते हैं। वहीं अगर ट्यूमर या कैंसर की पुष्टि हो जाए तो सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी जैसे इलाज अपनाए जाते हैं। सही और समय पर उपचार से गंभीर जटिलताओं से बच सकते हैं।

 

अंडकोष में दर्द का इलाज

 

अंडकोष में दर्द से बचाव के उपाय (Prevention Tips)

अंडकोष संबंधी समस्याओं से बचाव के लिए सावधानियां अपनाना जरूरी है। खेल या किसी भी शारीरिक गतिविधि के दौरान प्रोटेक्टिव गियर पहनना अंडकोष को चोट से बचाता है। सुरक्षित यौन संबंध बनाने से यौन संचारित रोगों (एसटीआई) का खतरा कम होता है। किसी भी संक्रमण का इलाज समय पर कराना चाहिए। जिससे वह गंभीर स्थिति में नहीं बदले। भारी वजन उठाते समय सावधानी बरतें। क्योंकि अचानक दबाव या खिंचाव से हर्निया या अन्य समस्याएं होती हैं। नियमित रूप से स्व-परिक्षण करना जरूरी है। जिससे अंडकोष में गांठ (Andcosh me ghanth in hindi), आकार में बदलाव या किसी भी असामान्यता को समय रहते पहचान की जा सके। जिससे तुरंत इलाज शुरू किया जा सके।

 

निष्कर्ष (Conclusion)

अंडकोष में दर्द को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह कई बार गंभीर या आपात स्थिति का संकेत होता है। अचानक शुरू हुआ तेज दर्द, सूजन, लालिमा या बुखार के साथ दर्द, संक्रमण, टेस्टिकुलर टॉर्शन या अन्य गंभीर समस्या का लक्षण होता है। ऐसे में देर करना खतरनाक होता है। कुछ स्थितियों में इलाज में थोड़ी सी भी देरी स्थायी नुकसान का कारण बनती है। समय पर यूरोलॉजिस्ट से संपर्क (Best Urologist in Noida) कर उचित जांच और उपचार कराना जरूरी है। समय पर उपचार न केवल दर्द और असुविधा से राहत देता है, बल्कि यौन स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता को सुरक्षित रखता है।

 

अगर आपको अंडकोष में दर्द या असहजता महसूस हो रही है, तो सही जांच और इलाज के लिए आज ही नोएडा अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें।

FAQs

प्रश्न 1: क्या अंडकोष में दर्द हमेशा गंभीर बीमारी का संकेत है?

उत्तर: नहीं यह चोट या हल्के संक्रमण से भी होता है। लेकिन कारण की पुष्टि के लिए डॉक्टर से जांच जरूरी है।
 

प्रश्न 2: क्या टेस्टिकुलर टॉर्शन में देरी खतरनाक है?

उत्तर: हां, 6 घंटे से ज्यादा देरी पर अंडकोष खोने का खतरा होता है। अगर 4–6 घंटे के भीतर इलाज (आमतौर पर सर्जरी) नहीं किया गया तो अंडकोष स्थायी रूप से खराब हो सकता है।
 

प्रश्न 3: क्या अंडकोष का दर्द यौन जीवन को प्रभावित कर सकता है?

उत्तर: हां लंबे समय तक दर्द और संक्रमण यौन स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता को प्रभावित करते हैं। इसलिए समय रहते पहचान और इलाज जरूरी है। 
 

प्रश्न 4: क्या घर पर इलाज संभव है?

उत्तर: हल्की चोट में आराम और बर्फ की सिकाई मदद कर सकती है, लेकिन संक्रमण या टॉर्शन में तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। खुद से इलाज से बचना चाहिए।

प्रश्न 5: क्या अंडकोष का दर्द कैंसर का लक्षण है?

उत्तर: जरूरी नहीं लेकिन अगर गांठ या आकार में बदलाव हो तो कैंसर की संभावना को जांचना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह पर जांच करानी चाहिए। 

Written and verified by:
Dr. Bhanwar Lal Barkesiya

Dr. Bhanwar Lal Barkesiya

MBBS, MS, FMAS & MCH (GOLD MEDALIST) | Exp: 15 Yr
Urology

Dr. Bhanwar Lal Barkesiya is an MCh Gold Medalist Urologist with 15+ years of experience in laser kidney stone surgery, TURP, PCNL, robotic urology, and complex urological care at Felix Hospitals, Noida.